केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना का अगला प्रमुख नियुक्त किया है। लगभग 40 वर्षों की सैन्य सेवा, कई अहम कमांड और रणनीतिक भूमिकाओं के अनुभव के साथ वह जून के अंत में रिटायर हो रहे जनरल उपेंद्र द्विवेदी की जगह लेंगे।

नई दिल्ली, 13 जून। केंद्र सरकार ने भारतीय सेना के वर्तमान वाइस चीफ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को देश का अगला थलसेना प्रमुख (Chief of Army Staff) नियुक्त किया है। वह जून के अंत में सेवानिवृत्त हो रहे जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लेंगे। उनका कार्यकाल अगस्त 2028 तक रहने की संभावना है।
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ भारतीय सेना के उन चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्होंने लगभग चार दशकों की सेवा के दौरान ऑपरेशनल, रणनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब भारतीय सेना आधुनिकीकरण, इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड और चीन-पाकिस्तान सीमाओं पर ऑपरेशनल तैयारियों को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है।
कॉम्बैट ब्रांच से सेना प्रमुख बनने वाले पहले अधिकारी
आर्म्ड कॉर्प्स से आने वाले लेफ्टिनेंट जनरल सेठ वर्ष 1997 में जनरल शंकर रॉयचौधरी के बाद कॉम्बैट ब्रांच से सेना प्रमुख बनने वाले पहले अधिकारी होंगे। उनकी नियुक्ति को सेना के युद्धक अनुभव और नेतृत्व क्षमता का बड़ा सम्मान माना जा रहा है।
1986 में सेना में हुए थे शामिल
नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) से स्नातक लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ दिसंबर 1986 में भारतीय सेना की आर्म्ड कॉर्प्स में शामिल हुए थे। अपने लंबे सैन्य करियर में उन्होंने सेना की युद्धक क्षमता बढ़ाने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप सैन्य सुधारों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कई अहम सैन्य कमानों का नेतृत्व
अपने करियर के दौरान उन्होंने रेगिस्तानी क्षेत्र में आर्म्ड रेजिमेंट, पश्चिमी मोर्चे पर आर्म्ड ब्रिगेड और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी बल की कमान संभाली। लेफ्टिनेंट जनरल के रूप में उन्होंने भारतीय सेना की प्रमुख स्ट्राइक फॉर्मेशन ‘सुदर्शन चक्र कॉर्प्स’ का नेतृत्व किया।
इसके बाद उन्होंने दिल्ली एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) के रूप में राजधानी में महत्वपूर्ण सैन्य गतिविधियों और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के समन्वय की जिम्मेदारी निभाई।
दो प्रमुख आर्मी कमांड का संभाला नेतृत्व
आर्मी कमांडर के पद पर पदोन्नति के बाद धीरज सेठ ने साउथ वेस्टर्न कमांड और सदर्न कमांड दोनों का नेतृत्व किया। वह उन गिने-चुने अधिकारियों में शामिल हैं जिन्हें दो अलग-अलग ऑपरेशनल आर्मी कमांड की जिम्मेदारी सौंपी गई।
करीब ढाई वर्षों तक इन जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए उन्होंने देश के महत्वपूर्ण सैन्य क्षेत्रों में रणनीतिक नेतृत्व प्रदान किया।
सेना के आधुनिकीकरण में निभाई अहम भूमिका
फील्ड कमांड के अलावा लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने सेना मुख्यालय में रणनीतिक योजना और क्षमता विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उन्होंने सेना के आधुनिकीकरण, क्षमता विस्तार और दीर्घकालिक सैन्य पुनर्गठन से संबंधित योजनाओं को आकार देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उनकी विशेषज्ञता उभरती तकनीकों और भविष्य की युद्ध आवश्यकताओं के अनुरूप सैन्य रणनीतियों को विकसित करने में मानी जाती है।
अंतरराष्ट्रीय सैन्य शिक्षा का अनुभव
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने हायर कमांड कोर्स, नेशनल डिफेंस कॉलेज (NDC) और फ्रांस के पेरिस स्थित प्रतिष्ठित कमांड एंड स्टाफ कोर्स से प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उनकी अंतरराष्ट्रीय सैन्य शिक्षा और रणनीतिक समझ उन्हें आधुनिक युद्ध और सुरक्षा चुनौतियों के लिए उपयुक्त नेतृत्वकर्ता बनाती है।
कई सैन्य सम्मान से सम्मानित
राष्ट्रीय सुरक्षा और सेना के प्रति उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM) सहित कई प्रतिष्ठित सैन्य सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।
भारतीय सेना के नए प्रमुख के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ अब सेना को तकनीकी बदलावों, सुरक्षा चुनौतियों और भविष्य की रणनीतिक आवश्यकताओं के अनुरूप नई दिशा देने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
