ममता बनर्जी के CJP समर्थन पर सौरव दास ने कहा- “थैंक्यू”! बोले, बंट गए तो हार जाएंगे। जानिए पूरा मामला।

मुंबई के शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर को हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के बाद इस आंदोलन को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में TMC प्रमुख ममता बनर्जी के CJP, युवाओं और छात्रों के समर्थन वाले बयान पर CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने प्रतिक्रिया दी है।
सौरव दास ने ममता बनर्जी को कहा धन्यवाद…..
सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ममता बनर्जी का वीडियो शेयर करते हुए उनका धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई युवा पीढ़ी के भविष्य को लेकर है। दास ने अपने पोस्ट में कहा कि अगर लोग एकजुट रहेंगे तो मजबूत रहेंगे, लेकिन बंटने की स्थिति में आंदोलन कमजोर पड़ सकता है। उनका संदेश CJP के मुद्दों को लेकर युवाओं और समर्थकों के बीच एकजुटता बनाए रखने पर केंद्रित था।
ममता बनर्जी ने क्या कहा था…..?
TMC के राज्यसभा सांसद और संयुक्त महासचिव डेरेक ओ’ब्रायन ने 2 अक्टूबर को ममता बनर्जी का एक वीडियो X पर शेयर किया था। वीडियो में ममता बनर्जी CJP, युवा पीढ़ी और छात्रों को समर्थन देने की बात कहती नजर आईं। ममता बनर्जी का यह बयान CJP के शिवाजी पार्क प्रदर्शन के बाद सामने आया। CJP ने इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई थी।
SIR को लेकर CJP का विरोध…..
CJP का आंदोलन चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची के लिए चलाए जा रहे Special Intensive Revision (SIR) को लेकर है। संगठन ने SIR प्रक्रिया और चुनावी व्यवस्था से जुड़े कई सवाल उठाए हैं। 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। इससे पहले CJP ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन किया था। मुंबई में हुए प्रदर्शन को आंदोलन के अगले चरण के तौर पर देखा गया।
ममता के समर्थन के बाद सौरव दास का संदेश….
ममता बनर्जी के समर्थन के बाद सौरव दास ने अपने संदेश में एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर साथ रहना जरूरी है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच CJP और चुनाव आयोग के बीच SIR को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर राजनीतिक बहस भी जारी है। वहीं, चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दल और संगठन अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
